Monday, August 3, 2009

शोला हूं भड़कने की गुज़ारिश नहीं करता.....

...गिरती हुई दीवार का हमदर्द हूं लेकिन चढ़ते हुए सूरज की परशतिश नहीं करता....शोला हूं भड़कने की गुजारिश नहीं करता....जगजीत सिंह की गज़ल की ये चंद लाइने गाहे-बगाहे मेरे जेहन आ ही जाती है...हालांकि ये गज़ल सुने भी जमाना हो गया....फिर भी दिन में कई बार ये लाइने जाप की तरह जप ही लेती हूं...मिसाल के तौर पर जब किसी सूट-बूट धारी को नाक सिकोड़ते फुटपात के किनारे से गुजरता देखती हूं...किसी रेस्टोरेन्ट में साहब को वेटर को सुन या अबे कहते हुए सुनती हूं... या किसी मैडम को नखरे दिखाते भौहें सिकोड़ते उस गली से गुजरते देखती हूं...जहां बचपन में वो खेला करती थी...जब पापा कलेक्टर नहीं हुए थे...या फिर उस अतिथि को जो काला चश्मा पहन कर एनजीओ में सेवा करने आता है...दो तीन फोटो खिंचवाता है और कैमरा हटते ही उसकी समाज सेवा वहीं आखिरी सांस ले लेती है....इन सारी जगहों पर मेरा रोआ-रोआ कांप जाता है...एक विशाद है जो मुझे घेर लेता है एक तड़प जो दम घोटू है...ऐसे किसी भी साहब या मैडम की मै परशतिश नहीं करती...मेरी नज़र में वो इंसान बड़ा है...जो सामने वाले को सिर्फ इसलिए इज्जत देता है क्योकि वो भी एक इंसान है...किसी साहब या मैडम की सूट-बूट, पैसे या खूबसूरती से मुझे समस्या नहीं...मेरा विरोध उस अभिमान से है..जो उसे झूठा बनाता है..असमानता सिखाता है...भेदभाव बढ़ाता है...सच मुंह से निकल जाता है कोशिश नहीं करता....शोला हूं...

अपर्णा (11:04)

9 comments:

  1. मन के गहरे भाव का बहुत खूब इजहार।
    कहते इन्सां एक है मिलते कई प्रकार।।

    आपकी भावनाओं की कद्र करता हूँ।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

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  2. Aparna ji,
    bahut achchha aur sahee likha hai apane....hindi blogs men apka svagat karte huye khushee ho rahee hai
    HemantKumar

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  3. ब्लोग जगत मे आपका स्वागत है। बधाई।

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  4. Good experiences and a wish to do something good to mankind.
    my best wishes.
    dr.bhoopendra

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  5. wah kya baat hai.
    aapka blog jagat me swagat hai.

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  6. बेहद खूब्सूरत दृष्टिकोण...
    शुभकामनाएं....

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  7. मुझे आपके इस सुन्‍दर से ब्‍लाग को देखने का अवसर मिला, नाम के अनुरूप बहुत ही खूबसूरती के साथ आपने इन्‍हें प्रस्‍तुत किया आभार् !!

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  8. मुझे आपके इस सुन्‍दर से ब्‍लाग को देखने का अवसर मिला, नाम के अनुरूप बहुत ही खूबसूरती के साथ आपने इन्‍हें प्रस्‍तुत किया आभार् !!

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